शिक्षा और बच्चे: एक नज़र में
यह स्लाइडशो शिक्षा से जुड़े पाँच संकेतकों को एक-एक करके दिखाता है — सरकारी शिक्षा व्यय, स्कूल से बाहर बच्चे, उच्च शिक्षा नामांकन, माध्यमिक नामांकन और प्रति शिक्षक विद्यार्थी। हर फ़्रेम में एक रैंकिंग बार चार्ट, भारत का मान व स्थान, और उसकी समय-शृंखला दी गई है। सभी आँकड़े विश्व बैंक के विश्व विकास संकेतक (WDI) से लिए गए हैं।
| Government spending on education | 102 | भारत में शिक्षा पर सरकारी व्यय जीडीपी का 4.0987%, 203 देशों में 102वाँ स्थान |
| Children out of primary school | 10 | प्राथमिक आयु के स्कूल से बाहर बच्चे 0.1188%, 205 देशों में 10वाँ स्थान |
| Tertiary enrolment | 111 | उच्च शिक्षा नामांकन 34.4465%, 203 देशों में 111वाँ स्थान |
| Secondary school enrolment | 142 | माध्यमिक नामांकन 79.595%, 208 देशों में 142वाँ स्थान |
| Pupils per teacher (primary) | 167 | प्राथमिक स्तर पर प्रति शिक्षक 32.7495 विद्यार्थी, 206 देशों में 167वाँ स्थान |
हर फ़्रेम को अलग-अलग पढ़ें: भारत की पट्टी को उसी संकेतक के शीर्ष, निचले और विश्व मान के सापेक्ष देखें। फ़्रेमों के बीच मान या स्थान की आपस में तुलना न करें, क्योंकि इकाइयाँ (प्रतिशत बनाम प्रति शिक्षक विद्यार्थी), दिशा और शामिल देशों की संख्या हर संकेतक में अलग है।
मुख्य बातें
इस विषय के पाँच संकेतकों को साथ रखकर देखें तो भारत की तस्वीर दोहरी है। सबसे उभरा हुआ आँकड़ा प्राथमिक स्कूली आयु के उन बच्चों का अनुपात है जो स्कूल से बाहर हैं — 0.1188%, जो 205 देशों में 10वाँ स्थान है; इस मामले में भारत दक्षिण कोरिया (0.0557%), जापान (0.0684%) और यू॰के॰ (0.0698%) जैसे देशों के आसपास बैठता है, जबकि चीन 6.6763% (131वाँ) और अमेरिका 3.9822% (103वाँ) काफी पीछे हैं। शिक्षा पर सरकारी व्यय जीडीपी का 4.0987% है, जो विश्व मान 3.5693% से ऊपर है, पर 203 देशों में स्थान 102वाँ ही बनता है। दूसरी ओर उच्च (तृतीयक) शिक्षा में नामांकन 34.4465% है, जो विश्व मान 43.6151% से नीचे है और 203 देशों में 111वें स्थान पर आता है — यानी बच्चों को स्कूल तक पहुँचाने में जो बढ़त दिखती है, वह ऊपरी स्तरों की पढ़ाई तक उसी रूप में नहीं पहुँचती।
*स्रोत: World Bank, WDI — “Children out of school (% of primary school age)” (SE.PRM.UNER.ZS), “Government expenditure on education, total (% of GDP)” (SE.XPD.TOTL.GD.ZS), “School enrollment, tertiary (% gross)” (SE.TER.ENRR)।*
केंद्रीय संकेतक का नवीनतम मान
पहला संकेतक शिक्षा पर सरकारी व्यय (जीडीपी का प्रतिशत) है। भारत का नवीनतम मान 4.0987% है और 203 देशों की सूची में यह 102वें स्थान पर है। विश्व मान 3.5693% है, इसलिए भारत उससे लगभग 0.53 प्रतिशत अंक ऊपर है — यानी वैश्विक औसत स्तर से थोड़ा अधिक, पर सूची के ठीक बीच के आसपास। ध्यान रहे कि यह आँकड़ा केवल सरकारी व्यय को गिनता है; परिवारों द्वारा दी जाने वाली फीस और स्कूल के बाहर की पढ़ाई पर होने वाला खर्च इसमें शामिल नहीं है। भारत की जो शृंखला यहाँ उपलब्ध है वह 2011 से 2022 तक की है, और 4.0987% उसी शृंखला का अंतिम मान (2022) है।
*स्रोत: World Bank, WDI — “Government expenditure on education, total (% of GDP)” (SE.XPD.TOTL.GD.ZS), https://data.worldbank.org/indicator/SE.XPD.TOTL.GD.ZS*
शीर्ष और निचले पायदान के देश
शिक्षा व्यय की सूची में सबसे ऊपर किरिबाती 16.3905%, अमेरिकी समोआ 14.717%, तुवालू 12.8457% और माइक्रोनेशिया 11.5591% हैं — यानी छोटे द्वीपीय और छोटी अर्थव्यवस्था वाले देश, जहाँ जीडीपी का आधार छोटा होने से अनुपात ऊँचा दिखता है। इनके बाद नामीबिया 9.0844%, अल्जीरिया 8.9777% और क्यूबा 8.4409% आते हैं। दूसरे छोर पर सोमालिया 0.0%, नाइजीरिया 0.3191%, ज़िम्बाब्वे 0.3848% और पापुआ न्यू गिनी 0.7821% हैं; एशिया में भारत के अपेक्षाकृत निकट के देशों में इंडोनेशिया 1.2752% (196वाँ) और लाओस 1.2338% (197वाँ) निचले सिरे पर हैं। भारत 4.0987% के साथ बीच के हिस्से में, पर ऊपरी आधे की ओर झुका हुआ है — शीर्ष के द्वीपीय देशों जैसा चरित्र इसका नहीं है। तुलना के लिए, स्कूल से बाहर बच्चों वाले संकेतक में भारत उलटे शीर्ष सिरे पर है: संयुक्त अरब अमीरात 0.0039%, अज़रबैजान 0.0266%, उरूग्वे 0.0355% और दक्षिण कोरिया 0.0557% के बाद भारत 0.1188% के साथ 10वें स्थान पर आता है, जबकि उस सूची के निचले सिरे पर सोमालिया 85.2728%, अफ़गानिस्तान 68.7716% और इक्वेटोरियल गिनी 65.5965% हैं।
*स्रोत: World Bank, WDI — SE.XPD.TOTL.GD.ZS तथा SE.PRM.UNER.ZS।*
पिछले दस वर्षों में क्या बदला
शिक्षा व्यय में भारत का अनुपात 2013 के 3.8447% से बढ़कर 2021 में 4.6295% तक गया और फिर 2022 में 4.0987% पर आ गया; यानी दस साल पहले की तुलना में लगभग 0.25 प्रतिशत अंक ऊपर, पर शृंखला के उच्चतम स्तर से नीचे। स्कूल से बाहर बच्चों का अनुपात इस अवधि में सबसे तेज़ी से बदला: 2019 के 7.3729% से घटकर यह 0.1188% रह गया, हालाँकि बीच के वर्षों में उतार-चढ़ाव बड़ा रहा (2022 में 0.1528%, अगले वर्ष 1.4697%, फिर 0.1043%)। उच्च शिक्षा नामांकन 2014 के 25.9913% से लगातार बढ़कर 34.4465% हुआ है — लगभग 8.5 प्रतिशत अंक की वृद्धि, और यही शृंखला का सर्वोच्च मान है। माध्यमिक नामांकन 2014 के 74.8887% से बढ़कर 2022 में 81.1779% तक पहुँचा और अब 79.595% है, यानी बढ़त के बाद हल्की नरमी। प्राथमिक स्तर पर प्रति शिक्षक विद्यार्थी संख्या 2013 में 32.3183, 2014 में 31.2886 और 2017 में 32.7495 रही — यहाँ यह स्पष्ट रखना ज़रूरी है कि इस संकेतक की शृंखला 2017 तक ही उपलब्ध है, इसलिए इसे हाल के वर्षों का रुझान नहीं कहा जा सकता।
*स्रोत: World Bank, WDI — SE.XPD.TOTL.GD.ZS, SE.PRM.UNER.ZS, SE.TER.ENRR, SE.SEC.ENRR, SE.PRM.ENRL.TC.ZS।*
पड़ोसी और समकक्ष देशों से तुलना
शिक्षा व्यय में भारत 4.0987% के साथ चीन 3.8971% (112वाँ) और जापान 3.3366% (136वाँ) से ऊपर है, पर यू॰के॰ 5.9068%, अमेरिका 5.4204%, दक्षिण कोरिया 5.4091%, फ़्रांस 5.3243% और जर्मनी 5.2392% से नीचे — यू॰के॰ के साथ अंतर लगभग 1.81 प्रतिशत अंक का है। एशिया के भीतर देखें तो इंडोनेशिया 1.2752% और लाओस 1.2338% से भारत का अनुपात तीन गुना से अधिक है। स्कूल से बाहर बच्चों के मामले में भारत 0.1188% के साथ जर्मनी 0.2739% और फ़्रांस 0.2044% से भी नीचे है, और चीन 6.6763% तथा अमेरिका 3.9822% से अंतर बहुत बड़ा है। लेकिन उच्च शिक्षा में तस्वीर पलट जाती है: भारत 34.4465% बनाम दक्षिण कोरिया 111.8533%, यू॰के॰ 80.4146%, अमेरिका 79.3619%, चीन 76.8758%, जर्मनी 76.7097%, फ़्रांस 71.5347% और जापान 64.4908% — चीन से अंतर लगभग 42.4 प्रतिशत अंक का है। माध्यमिक नामांकन 79.595% विश्व मान 77.2786% से ऊपर है, फिर भी चीन 92.2603%, दक्षिण कोरिया 96.254% और जापान 101.5371% से नीचे रहता है। प्राथमिक में प्रति शिक्षक 32.7495 विद्यार्थी विश्व मान 23.4463 से अधिक हैं और चीन 16.4267, दक्षिण कोरिया 16.2867, फ़्रांस 18.1766 तथा जर्मनी 12.3028 से लगभग दोगुने के आसपास।
*स्रोत: World Bank, WDI — SE.XPD.TOTL.GD.ZS, SE.PRM.UNER.ZS, SE.TER.ENRR, SE.SEC.ENRR, SE.PRM.ENRL.TC.ZS।*
इन आँकड़ों को कैसे पढ़ें
शिक्षा व्यय का संकेतक सरकारी खर्च पर आधारित है; परिवारों की फीस, निजी संस्थानों और स्कूल के बाहर की पढ़ाई पर होने वाला व्यय इसमें नहीं गिना जाता, इसलिए अनुपात को सीधे “शिक्षा में कुल निवेश” या “शिक्षा की गुणवत्ता” का पैमाना मान लेना उचित नहीं होगा। ऊपरी पायदान पर किरिबाती 16.3905% जैसी छोटी अर्थव्यवस्थाओं का आना भी यही याद दिलाता है कि यह अनुपात है, राशि नहीं। नामांकन दर सकल (% gross) है — इसमें मानक आयु से बाहर के और दोहराने वाले विद्यार्थी भी गिने जाते हैं, इसीलिए कुछ देशों का मान 100% से ऊपर चला जाता है (यूनान 165.1134%, मोनाको 158.5466%, जापान 101.5371%); इसे “सभी बच्चे पढ़ रहे हैं” या “क्षमता से अधिक” पढ़ना ठीक नहीं। स्कूल से बाहर बच्चों वाले संकेतक के लिए इस डेटा में कोई विश्व मान नहीं दिया गया है, इसलिए यहाँ विश्व औसत से तुलना नहीं की जा सकती; साथ ही स्थान केवल उन्हीं देशों के बीच का है जिनके आँकड़े उपलब्ध हैं। संकेतकों के नवीनतम वर्ष भी एक जैसे नहीं हैं — व्यय की शृंखला 2022 तक और प्रति शिक्षक विद्यार्थी की शृंखला 2017 तक जाती है — इसलिए इन्हें एक ही वर्ष की तुलना मानकर नहीं देखना चाहिए। ये आँकड़े विश्व बैंक के WDI के माध्यम से वार्षिक रूप से अद्यतन होते हैं और देशों की रिपोर्टिंग के अनुसार पुराने मान भी संशोधित हो सकते हैं, इसलिए स्थान में छोटे उतार-चढ़ाव को निर्णायक नहीं माना जाना चाहिए।
*स्रोत: World Bank, WDI — SE.XPD.TOTL.GD.ZS, SE.PRM.UNER.ZS, SE.TER.ENRR, SE.SEC.ENRR, SE.PRM.ENRL.TC.ZS।*
शिक्षा पर सरकारी व्यय (GDP का %) को मानचित्र और ग्राफ़ में देखें
| क्रम | देश / क्षेत्र | % |
|---|---|---|
| 1 | किरिबाती | 16.39 |
| 2 | अमेरिकी समोआ | 14.72 |
| 3 | तुवालू | 12.85 |
| 4 | माइक्रोनेशिया | 11.56 |
| 5 | नामीबिया | 9.08 |
| 100 | रूस | 4.16 |
| 101 | टोगो | 4.14 |
| 102 | भारत | 4.1 |
| 103 | क्रोएशिया | 4.09 |
| 104 | नाइजर | 4.07 |
| 201 | ज़िम्बाब्वे | 0.38 |
| 202 | नाइजीरिया | 0.32 |
| 203 | सोमालिया | 0 |
तालिका के शीर्ष पर किरिबाती 16.3905% और अमेरिकी समोआ 14.717% जैसी छोटी अर्थव्यवस्थाएँ हैं, जबकि निचले सिरे पर सोमालिया 0.0% और नाइजीरिया 0.3191% हैं। भारत 4.0987% के साथ बीच में, पर ऊपरी आधे की ओर है।
शृंखला 2013 के 3.8447% से 2021 में 4.6295% तक चढ़ी और 2022 में 4.0987% पर आई। यू॰के॰ 5.9068% और भारत के बीच लगभग 1.81 प्रतिशत अंक का फ़ासला दिखता है, जबकि चीन 3.8971% ठीक पीछे है।
देश चुनकर तुलना करें
स्कूल से बाहर बच्चे (प्राथमिक)
| क्रम | देश / क्षेत्र | % |
|---|---|---|
| 1 | संयुक्त अरब अमीरात | 0 |
| 2 | अज़रबैजान | 0.03 |
| 3 | उरूग्वे | 0.04 |
| 4 | दक्षिण कोरिया | 0.06 |
| 5 | जापान | 0.07 |
| 8 | ईरान | 0.1 |
| 9 | यूनान | 0.11 |
| 10 | भारत | 0.12 |
| 11 | ऑस्ट्रेलिया | 0.12 |
| 12 | लिथुआनिया | 0.13 |
| 203 | इक्वेटोरियल गिनी | 65.6 |
| 204 | अफ़गानिस्तान | 68.77 |
| 205 | सोमालिया | 85.27 |
शीर्ष पर संयुक्त अरब अमीरात 0.0039%, अज़रबैजान 0.0266% और दक्षिण कोरिया 0.0557% हैं; निचले सिरे पर सोमालिया 85.2728% और अफ़गानिस्तान 68.7716%। भारत 0.1188% के साथ शीर्ष दस में है।
रेखा 2019 के 7.3729% से गिरकर 0.1188% पर आई है, बीच के वर्षों में उतार-चढ़ाव के साथ। मानचित्र पर भारत का मान चीन 6.6763% और अमेरिका 3.9822% से कई गुना नीचे दिखता है।
उच्च शिक्षा नामांकन अनुपात
| क्रम | देश / क्षेत्र | % |
|---|---|---|
| 1 | यूनान | 165.11 |
| 2 | मकाऊ | 141.86 |
| 3 | साइप्रस | 120.88 |
| 4 | हाँग काँग | 120.09 |
| 5 | दक्षिण कोरिया | 111.85 |
| 109 | जॉर्डन | 35.92 |
| 110 | ताजिकिस्तान | 35.64 |
| 111 | भारत | 34.45 |
| 112 | यू॰एस॰ वर्जिन द्वीपसमूह | 33.55 |
| 113 | कैमेन द्वीपसमूह | 33.02 |
| 201 | इक्वेटोरियल गिनी | 1.84 |
| 202 | फ़्रेंच पोलिनेशिया | 1.46 |
| 203 | हैती | 1.05 |
शीर्ष पर यूनान 165.1134%, मकाऊ 141.8648% और दक्षिण कोरिया 111.8533% हैं; निचले सिरे पर हैती 1.0514% और पापुआ न्यू गिनी 1.9498%। भारत सूची के मध्य से नीचे की ओर बैठता है।
रुझान लगातार ऊपर की ओर है — 2014 के 25.9913% से बढ़कर 34.4465%, यानी लगभग 8.5 प्रतिशत अंक। फिर भी चीन 76.8758% से अंतर करीब 42.4 प्रतिशत अंक बना हुआ है।
माध्यमिक शिक्षा नामांकन अनुपात
| क्रम | देश / क्षेत्र | % |
|---|---|---|
| 1 | मोनाको | 158.55 |
| 2 | बेल्जियम | 142.96 |
| 3 | फ़िनलैंड | 142.4 |
| 4 | नीदरलैंड | 137.51 |
| 5 | सेंट किट्स और नेविस | 137.51 |
| 140 | पोर्टो रिको | 81.48 |
| 141 | मलेशिया | 80.28 |
| 142 | भारत | 79.59 |
| 143 | बहामास | 79.49 |
| 144 | मालदीव | 79.36 |
| 206 | हैती | 17.17 |
| 207 | मध्य अफ़्रीकी गणराज्य | 15.81 |
| 208 | सोमालिया | 3.35 |
शीर्ष पर मोनाको 158.5466%, बेल्जियम 142.9603% और फ़िनलैंड 142.3952% हैं; निचले सिरे पर सोमालिया 3.3479% और मध्य अफ़्रीकी गणराज्य 15.8074%। भारत विश्व मान से थोड़ा ऊपर, पर बीच से नीचे है।
रेखा 2014 के 74.8887% से 2022 में 81.1779% तक गई और अब 79.595% है — बढ़त के बाद हल्की नरमी। चीन 92.2603% और जापान 101.5371% अब भी आगे हैं।
छात्र-शिक्षक अनुपात (प्राथमिक)
| क्रम | देश / क्षेत्र | छात्र प्रति शिक्षक |
|---|---|---|
| 1 | सैन मेरीनो | 6.93 |
| 2 | लिचेंस्टीन | 7.8 |
| 3 | लग्ज़मबर्ग | 8.3 |
| 4 | नॉर्वे | 8.59 |
| 5 | कुवैत | 8.88 |
| 165 | केन्या | 30.65 |
| 166 | साओ टोम और प्रिंसिपे | 31.16 |
| 167 | भारत | 32.75 |
| 168 | लेसोथो | 32.95 |
| 169 | कांगो - किंशासा | 33.2 |
| 204 | मलावी | 58.68 |
| 205 | रवांडा | 59.51 |
| 206 | मध्य अफ़्रीकी गणराज्य | 83.41 |
सबसे कम अनुपात सैन मेरीनो 6.9306 और लिचेंस्टीन 7.8016 में है; सबसे अधिक मध्य अफ़्रीकी गणराज्य 83.412 और रवांडा 59.5086 में। भारत निचले तिहाई में आता है।
रेखा 1979 के 42.8983 से घटकर 2014 में 31.2886 तक आई और 2017 में 32.7495 रही — दीर्घकाल में सुधार, पर हाल के वर्षों का आँकड़ा उपलब्ध नहीं। जर्मनी 12.3028 और चीन 16.4267 से फ़ासला बड़ा है।